HD 45166: अब तक देखा गया सबसे चुंबकीय तारा | वुल्फ-रेयेट तारा क्या है?

HD 45166

नमस्कार दोस्तों आज की इस ब्लॉग पोस्ट में HD 45166 नामक एक विचित्र तारे कि चर्चा कि है, जिसके बारे में वैज्ञानिको ने हाल ही में हैरतंगेज खुलासे किये हैं। लगभग एक सदी से ज्यादा यानी 100 से ज्यादा वर्षों से खगोलविदों को एक तारा हैरान करता आ रहा था। लेकिन आखिरकार अब इस तारे कि असल पहचान सामने आ गई है। HD 45166 लगभग 3,000 प्रकाश वर्ष दूर एक मरता हुआ Wolf-Rayet star है। अपनी जैसी क्लास के ज्यादातर तारों की तरह, यह हीलियम से भरपूर है और इसका एक साथी तारा भी है।

HD 45166 नाम का यह तारा कुछ अजीब व्यवहार भी दिखता है, जो किसी दुसरे Wolf-Rayet तारे में नहीं देखे गए हैं, जिसमें उम्मीद से ज्यादा ये अपने द्रव्यमान को खोता दिखाई दिया है। और इसकी सौर हवाओं का एक असामान्य पैटर्न भी दिखाई दिया है।

अब, नीदरलैंड में एम्स्टर्डम विश्वविद्यालय के एक खगोलशास्त्री Tomer Shenar के नेतृत्व में एक टीम ने पता लगाया है कि इस बेहद अजीबोगरीब तारे के पास एक अविश्वसनीय रूप से शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र है, जिससे पता चलता है कि जब यह अंततः अपने आखरी समय में दम तोड़ेगा तो यह एक ऐसे विचित्र पिंड में बदल जायेगा जिसे आज हम magnetar (Neutron Star) के रूप में जानते हैं।

जिसके बाद HD 45166, पहला ज्ञात चुंबकीय Wolf-Rayet तारा बन गया है, और यह पहले से बाइनरी तारों से जुड़ी रही समस्याओं को हल करता हुआ दिखाई देता है और इन तारों को लेकर हमारी समझ के गैप्स को भरता है कि कैसे ये विशाल और भारी तारे ब्रह्मांड में सबसे चुंबकीय तारों में बदल जाते हैं।

वुल्फ-रेयेट तारा क्या है?

HD 45166

Wolf-Rayet तारे दुर्लभ होते हैं, लेकिन ये तारे आकाशगंगा में सबसे शानदार सितारों में से कुछ होते हैं, जो अपने परमाणु ईंधन के अंत तक पहुंच चुके होते हैं, वही ईंधन जो उनके कोर में fusion के चलते उनको जिन्दा रखता है। Wolf-Rayet तारे बहुत गर्म, बहुत चमकीले और हाइड्रोजन में बहुत कम होते हैं यानि इनमे हाइड्रोजन कि कमी होती है, लेकिन ये तारे आयनित (ionized) हीलियम, कार्बन और नाइट्रोजन से भरपूर होते हैं।

ये तारे stellar winds के चलते बहुत तेज गति से अपना द्रव्यमान भी खोते रहते हैं, जिससे cosmic time में ये तारे बहुत ही कम समय में सुपरनोवा हो जाते हैं। सुपरनोवा के दौरान अपने outer material को अंतरिक्ष में भेजते हुए, इन तारों का कोर तेजी से एक न्यूट्रॉन तारे में ढह जाता है: महज 20 किलोमीटर जितना एक ultradense object जिसमें सूर्य के द्रव्यमान का 2.4 गुना तक द्रव्यमान होता है।

Magnetar न्यूट्रॉन तारा क्या है?

HD 45166

Magnetar एक प्रकार का न्यूट्रॉन तारा ही होता है, लेकिन हैरतंगेज रूप से एक Magnetar का चुंबकीय क्षेत्र एक सामान्य Neutron तारे की तुलना में लगभग 1,000 गुना अधिक शक्तिशाली और पृथ्वी की तुलना में 1,000,000,000,000,000 (1 quadrillion) गुना तक अधिक शक्तिशाली होता है।

ये magnetar इतना शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र कैसे हासिल कर लेते हैं, यह अभी तक अज्ञात है; मॉडल सुझाव देते हैं कि यह हो सकता है कि एक तारा जो core collapse के चलते सुपरनोवा होता है, उस तारे के पास पहले ही ताकतवर चुंबकीय क्षेत्र हो। बस समस्या यह है कि अब से पहले इतने शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र वाले तारे जो अपने जीवन के अंत में हों, उनका पता नहीं लगाया गया था।

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इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए, यह हमें HD 45166 पर वापस लाता है। इस बाइनरी सिस्टम के पिछले मापदंडो से पता चला था कि यह Wolf-Rayet तारा हीलियम से भरपूर था, जो सूर्य के द्रव्यमान का लगभग 4 गुना था, और  B-type के तारे के साथ 1.6 पृथ्वी दिनों जितनी कक्षा में बंधा हुआ था। हालाँकि, ये properties binaries systems के विकास और stellar winds कैसे उठती हैं, के बारे में हम अबतक जो भी जानते हैं, उससे अलग हैं।

इसलिए, Tomer Shenar और उनके सहयोगियों ने चुंबकीय क्षेत्र के सुबूतों की तलाश में तारे कि observations का एक नया सेट लिया। और उन्होंने मापदंडों के इस नए सेट के साथ ऐसे सुबूत खोज निकाले जो इस binary system को पूरी तरह से नए सिरे से recharacterized करने पर मजबूर करते हैं।

सबसे पहले, HD 45166 की magnetic field strength 43,000 गॉस (gauss) है – यह किसी विशाल तारे में अब तक दर्ज किया गया सबसे शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र है। दूसरा यह कि, यह तारा जितना हमने सोचा था उससे कहीं कम विशाल और भारी है – सूर्य के द्रव्यमान का केवल 2 गुना।

HD 45166

आखिर में, बाइनरी का orbital period बहुत ही ज्यादा (8,200) दिनों का है। पहले पाई गई 1.6-दिन की periodicity तो दरअसल बी-प्रकार के साथी तारे में internal oscillations (कंपन) का नतीजा है।

Wolf-Rayet तारा आज दिखाई पड़ती अपनी वर्तमान स्थिति तक कैसे पहुंचा यह अभी तक अज्ञात है; टीम का मानना है कि इसका निर्माण दो छोटे सितारों के टकराव से हुआ होगा। यह एक काफी specific और संभवतः दुर्लभ scenario प्रतीत होता है, इसलिए वहां अन्तरिक्ष में जो दुसरे megnetars हैं, उनका evolution यानी विकास का रास्ता दूसरा हो सकता है।

जहां तक इस तारे कि बात है, केवल कुछ मिलियन वर्षों में, HD 45166 के सुपरनोवा हो जाने की उम्मीद है। सुपरनोवा के दौरान ढहने वाला कोर चारों ओर से सिकुड़ेगा और चुंबकीय क्षेत्र को केंद्रित करेगा, जिसके नतीजे में लगभग 100 ट्रिलियन गॉस (gauss) की चुम्बकीय क्षेत्र शक्ति वाला एक magnetar बनेगा।

हो सकता है कि भविष्य में इतनी आगे हम इसे देखने के लिए मैजूद न हों, लेकिन यह खोज हमें magnetar निर्माण को समझने के लिए एक नया टूल और ब्रह्मांड में इसी तरह के systems की तलाश के लिए baseline provide करती है।

Tomer Shenar का कहना है कि, “एक नए प्रकार के astronomical object को खोज निकालना काफी रोमांचक है,” खासकर जब यह हमेशा से छिपा रहा हो।

HD 45166 पर निष्कर्ष

HD 45166 वाकई अपनी तरह का ख़ास खगोलीय पिंड निकलकर सामने आया है। ये तारा हमे न्यूट्रॉन तारों से जुड़े कई रहस्यों के बारे में बता सकता है। आगे आने वाले समय में वैज्ञानिकों कि नजरों में ये तारा बने रहने वाला है। खैर हमने हमारी ऐसी ही एक और पोस्ट में तारों से जुड़े 9 ऐसे तथ्यों पर बात की है जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे। फिलहाल आज के लिए इतना ही, आपका इस नए तारे की खोज को लेकर क्या विचार है नीचे कमेंट सेक्शन में आप मेरे साथ शेयर कर सकते हैं, धन्यवाद।

तारों से जुड़े कुछ FAQ’s

Que. न्यूट्रॉन तारे कितने प्रकार के होते हैं?

Ans. न्यूट्रॉन तारे तीन प्रकार के होते हैं- सबसे आम तो न्यूट्रॉन तारे उसके बाद pulsar और आखिर में आते हैं magnetar न्यूट्रॉन तारे।

Que. क्या Magnetars, न्यूट्रॉन सितारों से ज्यादा मजबूत होते हैं?

Ans. सीधे शब्दों में कहें तो हाँ! एक आम न्यूट्रॉन तारे में, चुंबकीय क्षेत्र पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से खरबों गुना तक शक्तिशाली होता है; हालाँकि, वहीँ एक मैग्नेटर में, चुंबकीय क्षेत्र एक आम न्यूट्रॉन तारे से 1000 गुना अधिक मजबूत होता है।

Que. 2 न्यूट्रॉन तारे टकराने पर क्या होता है?

Ans. दो टकराने वाले न्यूट्रॉन तारे बिल्कुल गोलाकार 'किलोनोवा' विस्फोट करते हैं । जब न्यूट्रॉन तारे टकराते हैं तो बेहद ज्यादा संभावना के साथ वे ब्लैक होल को जन्म दे सकते हैं। एक नए अध्ययन से पता चला है कि जब न्यूट्रॉन तारे टकराते हैं, तो उनके द्वारा किए जाने वाले विस्फोट बिल्कुल गोलाकार होते हैं।

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