Intermediate Mass Black Hole क्या होता है? | Hubble ने खोजा सबसे करीब का Intermediate Mass Black Hole

नमश्कार दोस्तों! आज हम जानेगें की Intermediate Mass Black Hole क्या होता है ओर Hubble ने कैसे खोजा सबसे करीब का Intermediate Mass Black Hole.

Types of Black Holes

Black Holes स्पेस के फैब्रिक में बेहद ताकतवर गुरुत्वाकर्षण रखने वाले गड्ढों की तरह दिखाई पड़ते हैं और हम अब तक इन्हें आमतौर पर दो आकारों में आईडेंटिफाई यानी इनकी पहचान कर पाए हैं, छोटे और बेहद बड़े। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अकेली हमारी आकाशगंगा में ही 10 करोड़ तक यह छोटे Stellar Mass Black Holes मौजूद हो सकते हैं। यह छोटे आकार के Black Holes बेहद भारी तारों के सुपरनोवा होने के चलते पैदा होते हैं। यह छोटे Black Holes हमारे सूर्य के द्रव्यमान से कुछ गुना तक द्र्व्यमानित हो सकते हैं। इनसे बेहद अलग कई विशाल होते हैं Supermassive Black Hole यह हमारे सूर्य से कई लाखों गुना से लेकर अरबों गुना तक द्रव्यमान यानी भारी हो सकते हैं और यह ब्रह्मांड में तैरती आकाशगंगा के केंद्र में राज करते हैं।

लेकिन वैज्ञानिक दशकों से इन दोनों प्रकार के Black Holes के बीच के मिसिंग लिंक को तलाश करते आ रहे हैं, जी हां यह हैं Intermediate mass black holes। इस तरह के Black Holes का द्रव्यमान 100 से लेकर 100,000 सौर द्रव्यमान के बीच तक हो सकता है। अब कुछ सवाल उठते हैं कि यह बनते कैसे हैं? यह कहां मौजूद हो सकते हैं? और यह इतने दुर्लभ क्यों हैं कि इन्हें अब तक खोजा तक नहीं जा सका है?

हालांकि इस श्रेणी के उम्मीदवार Black Holes भूतकाल में वैज्ञानिकों के हाथ लगे जरूर हैं। जहां साल 2009 में 29 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर ESO 243-1049 नाम की एक आकाशगंगा में, वैज्ञानिकों को एक हाइपर लुमिनस एक्स-रे सोर्स मिला था। वैज्ञानिकों के मुताबिक hlx-1 नाम का यह रेडियो सोर्स एक Intermediate mass black hole कैंडिडेट है।

Intermediate Mass Black Hole

ऐसा ही एक और Intermediate mass black hole कैंडिडेट हबल ने साल 2020 में मिल्की वे आकाशगंगा से कई परे एक दूसरी आकाशगंगा में देखा था। वैज्ञानिकों के मुताबिक इस Black Hole का द्रव्यमान सूर्य से 50,000 गुना के लगभग है। यह Black Hole हबल द्वारा तब देखा गया जब इसने करीब आते 1 तारे को तबाह करते हुए उसके मटेरियल को निकलते हुए एक्स-रे रोशनी के धमाकों को छोड़ा था। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह Intermediate mass black hole कैंडिडेट एक घने स्टार क्लस्टर के केंद्र में मौजूद है। इन दुर्लभ Black Holes के होने की संभावना बौनी आकाशगंगाओं के केंद्र में होने की भी है।

ब्रह्मांड में ज्यादा दूर ना जाते हुए वैज्ञानिकों ने हमारी मिल्की वे आकाशगंगा को ऑर्बिट करते हुए कई घने ग्लोब्यूलर स्टार क्लस्टर्स में, कई ऐसे Intermediate mass black holes कैंडिडेट्स के होने का पता लगाया है। उदाहरण के लिए, साल 2008 में हबल खगोल वैज्ञानिकों ने ऐसे ही मिल्कीवे में मौजूद ग्लोब्यूलर स्टार क्लस्टर ओमेगा सैंटोरी में एक Intermediate mass black hole की उपस्थिति की घोषणा की थी। हालांकि आज तक भी इस श्रेणी के Black Hole की खोज अनिर्णायक ही रही है।

Messier 4 Intermediate Mass Black Hole

अब हाल ही में पृथ्वी से 6000 प्रकाश वर्ष दूर Messier 4 या M4 नाम के एक ग्लोब्यूलर स्टार क्लस्टर में हबल और गाया (Gaia) का इस्तेमाल करके इस क्लस्टर की कोर में पिछली खोजों की तुलना में बेहद ज्यादा सटीकता के साथ एक Intermediate mass black hole होने के संकेतों को खोजा है। Monthly notices of the royal astronomical society में प्रकाशित हुए पेपर में इस खोज का खुलासा Maryland के Baltimore में space telescope science institute के Eduardo Vitral ने किया।

Intermediate Mass Black Hole

Vitral की टीम ने लगभग सूर्य से 800 गुना द्रव्यमान रखने वाले संभावित Intermediate mass black hole होने का दावा किया है। यह Black Hole इस क्लस्टर की कोर में सीधे तो दिखाई नहीं दिया है। हालांकि टीम ने इसके गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में फंसे तारों की गति का अध्ययन करके इसके मास को कैलकुलेट किया है, ठीक वैसे ही जैसे मधुमक्खियां छत्ते के चारों ओर घूमती हैं। इन तारों की गति को मापने में समय और बहुत अधिक सटीकता लगती है क्योंकि रियल टाइम में इनके मोशन को देख पाना संभव नहीं है यहीं पर हबल ने वह हासिल किया जो आज तक कोई दूसरा टेलिस्कोप नहीं कर सका है।

खगोल वैज्ञानिकों ने हबल से इस क्लस्टर के कोर में मौजूद तारों के तकरीबन 12 सालों की observations को देखा और कोर में मौजूद तारों के motions को स्टडी किया, जिससे यह सामने आया कि इस क्लस्टर की कोर में जो गायब हुआ ऑब्जेक्ट मौजूद है वह हमारे सूर्य से 800 गुना तक भारी हो सकता है इस गायब हुए ऑब्जेक्ट से जुड़ी कुछ और theories भी सामने निकल कर आई थी। जिसे हबल के डाटा ने रूल आउट कर दिया है उन theories में से कुछ theories के मुताबिक यह विशाल मरे हुए तारों के अवशेष हो सकते हैं जैसे न्यूट्रॉन तारे या छोटे, कई stellar mass black holes जो एक दूसरे को ऑर्बिट कर रहे हैं, वे हो सकते थे।

intermediate mass black hole
messier-4-globular-cluster

जहां Vitral का कहना है कि हमें पूरा विश्वास है कि इस क्लस्टर के केंद्र में जो बहुत छोटा सा क्षेत्र है वहां पर बहुत ज्यादा कंसंट्रेटेड मास मौजूद है। यह उन काले घने द्रव्यमान से 3 गुना तक छोटा है जो हमने पहले दूसरे globular clusters में खोजे थे। अगर यहां केंद्र में अलग-अलग और छोटे stellar mass black holes, neutron stars या white dwarf तारों का कलेक्शन मौजूद होता तो यह ऑब्जेक्ट्स मास की इतनी घनी और कंपैक्ट कंसंट्रेशन बनाने में सक्षम नहीं हो पाते। जितनी की स्टडी में हमें दिखाई दी है।

फिलहाल तो इस खोज की बॉटम लाइन यही रही है की हबल स्पेस टेलीस्कोप ने पृथ्वी से सबसे करीब के globular cluster “Messier 4” में एक Intermediate mass black hole के सबूतों को खोज निकाला है। जिस से अब शायद Black Holes के बीच के मिसिंग लिंक रहे ये Intermediate mass black hole, अब शायद हमारी कल्पनाओं में ही नहीं रह गए हैं हमने शायद इन्हें खोज लिया है। आपका इस बारे में क्या ख्याल है नीचे कमेंट में हमें जरूर बताएं। धन्यवाद।

हाल ही में वैज्ञानिकों ने JUNO Spacecraft की मदद के चलते Jupiter पर सबसे विशाल महासागर होने का दावा किया है इस पर अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

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