Mars Planet Information In Hindi | मंगल ग्रह पर रहने के 10 आश्चर्यजनक तरीके, जिनकी तुलना पृथ्वी से की जा सकती है

नमश्कार दोस्तों! आज के इस ब्लॉग में हम Mars Planet Information In Hindi के साथ-साथ यह भी जानेंगे कि मंगल ग्रह पर रहने के वो 10 आश्चर्यजनक तरीके कौन से हैं, जिनकी तुलना पृथ्वी से की जा सकती है। सबसे पहले तो आप यह जान लें की मंगल ग्रह हमारे सौरमंडल का चौथा ग्रह है, साथ ही पूरे सौरमंडल में यह पृथ्वी के बाद एक मात्र ऐसा ग्रह है जिसको मनुष्य जाति अपने अनुरूप ढाल सकती है, इस ग्रह पर तापमान इतना कठोर नहीं है कि यहां मानव जाति को जीवन बसर करने के लिए ज्यादा कड़ी मेहनत करनी पड़े। थोड़े बहुत बदलावों के साथ इस ग्रह को रहने योग्य बनाया जा सकता है।

मंगल ग्रह व्यास में पृथ्वी का लगभग आधा है, इसका व्यास तकरीबन 6,779 किलोमीटर है। मंगल ग्रह पर औसतन तापमान -60 डिग्री सेल्सियस तक रहता है वही Equator के पास दिन के वक्त तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है, जो हम मनुष्यों के लिए एक सहूलियत भरा तापमान है। इस तापमान में हमें ज्यादा परेशानी नहीं होती है। चलिए अब मंगल ग्रह पर रहने के उन 10 तरीकों को जानते हैं जिनकी तुलना पृथ्वी से की जा सकती है।

हाल ही के दिनों में मंगल ग्रह को Colonize करने का विचार बहुत सारे बुद्धिमान और ताकतवर लोगों द्वारा प्रचारित किया जा रहा है, और अब यह विचार एक साइंस फिक्शन नहीं रह गया है। इस विचार के बारे में कई लोग, ज्यदातर संदेहवादी हैं क्योंकि अभी तक भी यह एक विचार ही है जिससे सभी सहमत नहीं हैं और इसके साथ ही मंगल ग्रह को Colonize करने का विचार खुद भी कई कठिनाइयों को साथ लाता है।

सच तो यह है कि मंगल ग्रह पर जीवन पृथ्वी पर मौजूद जीवन से बहुत अलग हो सकता है। फिर भी, यह चौंकाने वाली हद तक समान भी हो सकता है। कई ऐसी समानताएं हो सकती हैं जिसकी उम्मीद बहुत से लोग नहीं कर रहे होंगे। क्या यह लाल ग्रह मंगल उतना रहने योग्य है भी, जितना यह दूर से नजर आता है? या क्या कुछ अप्रत्याशित और छोटी-छोटी चीजें मंगल ग्रह पर रहने के हमारे प्रयासों को नामुमकिन बना देंगी?

Mars Planet Information In Hindi

Mars Atmosphere Different From Earth

हम में से ज्यादातर लोगों के लिए यह बात चौंकाने वाली नहीं होनी चाहिए कि मंगल ग्रह पर ऑक्सीजन को प्राप्त करना इतना आसान नहीं होगा। हम में से कई लोग हमारे ग्रह पृथ्वी पर सांस लेने की क्षमता को बहुत हल्के में ले लेते हैं, इसमें कोई आश्चर्य वाली बात भी नहीं है क्योंकि हम पृथ्वी पर ऐसा कर पाने के लिए ही विकसित यानी evolved हुए हैं। हालांकि संभवतः सबसे चौंकाने वाला तथ्य तो यह है की मंगल ग्रह पर वास्तव में एक वास्तविक वातावरण मौजूद है। यह पतला है, हमारी पृथ्वी के वातावरण से लगभग 100 गुना तक पतला और पृथ्वी की तुलना में बहुत कम hospitable, लेकिन फिर भी यह यहाँ मौजूद है।

95% से ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड से बना हुआ, हम स्वाभाविक रूप से इस वातावरण में सांस नहीं ले सकते। फिर भी, मंगल के वातावरण में वास्तव में ऑक्सीजन मौजूद है, जो कि 0.13% है। बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन फिर भी outer space के शून्य की तुलना में यह कुछ आकर्षक तो लगती ही है। साथ ही, अगर हम पौधों का उपयोग करके, मान लीजिए कार्बन डाइऑक्साइड की उस विशाल मात्रा को ऑक्सीजन में बदल सकें, तो हमारे लिए मंगल ग्रह पर चीजें थोड़ी कम निराशाजनक लगने लगेंगी।

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Mars Timescales Is Similar, Yet Different

पृथ्वी पर 1 दिन 24 घंटे का होता है। यह एक बहुत ही बुनियादी तथ्य है लेकिन यह हमारे जीवन को महत्वपूर्ण रूप से आकार भी देता है। मनुष्य, और वास्तव में सभी जानवर, दिन और रात के इस समान अंतराल वाले चक्र के आदी हो चुके हैं। हमारी नींद का schedule इसके अनुरूप ही ढल चुका है, और हमारी संस्कृतियाँ यानी cultures भी इसी के आधार पर बने हुए हैं।

निश्चित रूप से मंगल ग्रह पर 1 दिन की लंबाई उस 1 दिन से काफी अलग है जिसके हम आदी हो चुके हैं, है ना? हालांकि हैरतअंगेज रूप से इसमें ज्यादा अंतर नहीं है। मंगल ग्रह पर एक दिन लगभग 24 घंटे और 40 मिनट का होता है हमारे पास जो समय है उससे मात्र 40 मिनट ही अधिक। निश्चित रूप से यह अंतर नोटिस तो होता है, लेकिन इतना भी नहीं कि यह एक बड़ी गड़बड़ी बन जाए।

एक महत्वपूर्ण बात जो निश्चित रूप से अलग होगी, वह है कि 1 साल कितने समय तक चलता है। क्योंकि मंगल ग्रह सूर्य से उतना करीब नहीं है जितना हमारी पृथ्वी, मंगल ग्रह पर 1 साल 687 दिनों का होता है जो हमारी पृथ्वी के 1 साल, 365 दिनों से लगभग 2 गुना है। दिन की लंबाई तो लगभग सामान है लेकिन मौसम मंगल ग्रह पर 2 गुना लंबे हैं।

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Terrified Radiation

मंगल ग्रह पर वातावरण, जो अस्तित्व में है, पतला है, ऑक्सीजन की संभावना है, और यहां के थोड़े लंबे मौसम जो हमारे लिए थोड़ी downside पर हैं। इन सब कठिनाइयों के बावजूद मंगल ग्रह आसान लग सकता है, और यह एक ऐसी जगह प्रतीत होता है जिसे हम colonize कर सकते हैं। लेकिन तब तक, जब तक हम इस ग्रह पर हमारी पहली बड़ी परेशानी से नहीं गुजरते हैं और वह है- Ionizing Radiation.

पृथ्वी से अलग, मंगल ग्रह पर रेडिएशन से बचाने के लिए कोई magnetosphere नहीं है। पर ऐसा हमेशा से नहीं था, लगभग 4.2 अरब सालों पहले तक, इसमें वैसा ही एक magnetosphere था जैसा अब हमारे ग्रह पर है। लेकिन किसी कारण से जिस पर वैज्ञानिक आज तक भी डिबेट कर रहे हैं, यह magnetosphere इस लाल ग्रह पर से गायब हो गया, जो वास्तव में मंगल पर वायुमंडल के इतने पतले होने का कारण है। साथ ही यही कारण है कि हमें इस लाल ग्रह पर बसने में कठिनाई जरूर होगी।

Radiation, साथ ही भयानक solar flares और cosmic rays से सुरक्षा के अभाव में, रेडिएशन की मात्रा प्रतिदिन मंगल ग्रह पर 2,000 milliRads तक जा सकती है। जो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर अंतरिक्ष यात्रियों के अनुभव के 22 milliRads से कहीं ज्यादा है। लंबे समय तक इस जहरीले रेडिएशन के संपर्क में रहने से, कैंसर होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाएगी, जिसका मतलब है कि अगर हम मंगल ग्रह पर रहना चाहते हैं तो हमें इस भयानक Radiation से निपटना होगा।

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The Smaller The Surface, The More Ground

मंगल ग्रह पृथ्वी की तुलना में काफी छोटा है जिस से बड़ी कॉलोनियों के लिए पर्याप्त जगह ना होने की संभावित चिंताएं पैदा हो सकती हैं। यह केवल तब और ज्यादा चिंताजनक हो जायेगा, जब यह आईडिया अंततः किसी वजह के चलते पृथ्वी पर से पूरी मानवता को स्थानांतरित करने की जरुरत पर केंद्रित हो जाता है या अगर मंगल ग्रह की आबादी हमारी पृथ्वी जितनी बड़ी हो जाती है।

हालांकि मंगल छोटा होने के अलावा एक रेगिस्तानी ग्रह भी है, एक ठंडा रेगिस्तान, कुछ ऐसा जैसा हमारी पृथ्वी नहीं है, जैसा कि पता चला है, क्योंकि हमारी पृथ्वी ज्यादातर महासागरों से ढकी हुई है इसलिए मंगल ग्रह पर जमीन की मात्रा भी लगभग पृथ्वी के आसपास ही है।

बेशक, टेराफॉर्मिंग का इस्तेमाल करके मंगल पर कुछ पानी को बनाने की आवश्यकता होगी। फिर भी, खारे पानी वाले हमारे विशाल महासागर, पृथ्वी पर, वैसे भी हमारे लिए बिल्कुल उपयोगी नहीं हैं। हालांकि हमारे पास चिंता करने के लिए बहुत सारी चीजें हैं, लेकिन बहुत अधिक परेशान होना शायद उनमें से एक नहीं है।

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Original Life?

जैसा कि हम जानते हैं मंगल ग्रह पर जीवन की कमी है और हमेशा रहती है। Martians के बारे में कुछ conspiracy theories और पुराने विचार भी इसे नष्ट करने के लिए बहुत कुछ नहीं करते हैं अगर आपने कभी किसी आम व्यक्ति से पूछा होगा तो उनका जवाब यही होता है कि हमारे सौरमंडल में पृथ्वी के अलावा कहीं और बिल्कुल भी जीवन नहीं है।

वैज्ञानिक मंगल ग्रह के बारे में आश्चर्यजनक रूप से इतने निश्चित नहीं हैं। हालांकि जवाब अभी भी अनिश्चित है और यह बहुत हद तक इस बात पर भी निर्भर करता है कि हमारे लिए जीवन के क्या मायने हैं, जीवन हमारे लिए क्या मतलब रखता है। मंगल ग्रह पर जानवरों या पौधों जैसा कुछ भी नहीं है और यह एक ऐसी चीज है जिसके बारे में हम काफी निश्चित हैं। मंगल ग्रह संभवत: अतीत में अधिक hospitable था। फिर भी, इस रेतीली सतह पर रहने वाले किसी भी sci-fi जीव के कोई सुबूत नहीं मिले हैं।

मंगल ग्रह पर बैक्टीरिया जैसे सूक्ष्मजीव हो सकते हैं। वैज्ञानिकों ने ग्रह पर मीथेन के साफ संकेत खोजे हैं। एक ऐसी गैस जो प्राचीन जीवन द्वारा उत्सर्जित की जा सकती है। हालांकि, अन्य वैज्ञानिक समूहों को ऐसी कोई चीज नहीं मिली है। situation की आगे की जांच के लिए Samples को एकत्र यानी जुटाया गया है। लेकिन संभवतः अगले एक दशक तक उनका कोई विश्लेषण नहीं किया जाएगा।

हालांकि, अब एक सवाल उठता है कि इसका हम पर और हमारी, इस ग्रह पर होने वाली संभावित कॉलोनियों पर क्या प्रभाव पड़ता है? सीधे शब्दों में कहें, तो यदि संभावित रूप से ऐसा कोई नुकसान पहुंचाने वाला परग्रही बैक्टीरिया वाकई मौजूद है तो हमें वास्तव में इसके कांटेक्ट में आने से पहले इसको जान लेना चाहिए।

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Changing Temperature

मंगल ग्रह सूर्य से ज्यादा दूर होने के चलते बहुत ठंडा है। एक बार फिर से यह फैक्ट इतना चौंकाने वाला नहीं है। यह बहुत पतले वातावरण के कारण और भी ज्यादा ठंडा हो गया है, जो गर्मी का संचालन या उस को बनाए रखने में इतना अच्छा नहीं है। फिर भी यह इतना आश्चर्यजनक नहीं है। हालांकि, जिस फैक्ट पर हम विचार करने में फेल हो सकते हैं वह यह है कि मंगल एक रेगिस्तानी ग्रह होने के नाते वास्तव में कुछ तरीकों से पृथ्वी पर रेगिस्तानों की नकल करता है।

यहां सतह पर तापमान बहुत अधिक ढंग से बदलता रहता है। वास्तव में, साल के ज्यादातर समय में यहां बहुत ठंड होती है, और विशेष रूप से रात में तापमान शून्य से बहुत नीचे तक गिर जाता है। यहां औसतन तापमान माइनस -65* डिग्री सेंटीग्रेड तक चला जाता है।

और फिर गर्मियों के दौरान, equator के करीब, तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। जो रहने योग्य है और तरल पानी को बनाए रखने में सक्षम है। अगर किसी तरह से हम इस ग्रह पर वातावरण को बना सकें तो जरा कल्पना करें की मंगल ग्रह कितना रहने योग्य हो सकता है।

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Lower The Gravity, Harder The Life

मंगल ग्रह पर गुरुत्वाकर्षण कम है, पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का केवल 38% ही, जिसका मतलब है कि आप प्रभावी रूप से मंगल पर अपने वर्तमान वजन का केवल 38% वजन ही रखेंगे। कम गुरुत्वाकर्षण में रहना पहली नजर में मजेदार लग सकता है, लेकिन तेज हवाओं जैसी चीजों को ध्यान में रखते हुए, यह ज्यादा से ज्यादा कठिन लगने लगता है, और यह तब और ज्यादा परेशान करने लग जाएगा जब आप अपने शरीर पर इसके होने प्रभाव (effects) की जांच करेंगे और हैरतअंगेज रूप से इसके द्वारा पैदा होने वाली परेशानियों की भी जांच पड़ताल करेंगे।

मानव शरीर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल को सहन करने के लिए ही विकसित हुआ है। हमारी हड्डियां, मांसपेशियां, ह्रदय, और नसें, पृथ्वी के हिसाब से काम करने के लिए बनी है। अपोलो अंतरिक्ष उड़ानों के दौरान केवल 8 दिनों के बाद ही अंतरिक्ष यात्रि (astronauts) इतने कमजोर हो गए और उनकी मांसपेशियां और हड्डियां इतनी कमजोर हो गयीं, कि उन्हें अपने लैंडिंग कैप्सूल से खींचकर बाहर निकालना पड़ा। कम गुरुत्वाकर्षण से हमारे हृदय प्रणाली का ठीक से काम करना बेहद मुश्किल हो जाता है, जिस से बाद में आगे चलकर दिल के दौरे का खतरा भी बढ़ जाता है।

इसके अलावा यह जन्म देना भी कठिन या नामुमकिन बना सकता है। इस फैक्ट को देखते हुए, की यह, एक बार फिर एक mechanism है जो पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के अनुरूप ही विकसित हुआ है। हालांकि, bottom line यह है कि हम नहीं जानते कि मंगल ग्रह पर गुरुत्वाकर्षण इन समस्याओं से बचने के लिए कितना मजबूत हो सकता है, या यह नहीं हो सकता है। यह एक डरावना अज्ञात सच है, जिसके बारे में हमें पता लगाना ही होगा।

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The Frozen And Salty Water

अच्छी खबर यह है कि मंगल ग्रह पर पानी है। और संभवतः अभी भी इसकी सतह पर पानी हो। हालांकि, बुरी खबर यह है की है जमे हुए ठोस और बहुत नमकीन, दोनों है। हमारे महासागरों की तरह खारा पानी कहीं और भी उतना उपयोगी नहीं है। मान लीजिए पानी से भरी कोई नदी या झील है जिसे आप बस यूँ ही पी सकते हैं। फिर भी एक अलग ग्रह पर जो वास्तव में जीवन के लिए सबसे अनुकूल भी नहीं है, यह सिर्फ एक lifesaver हो सकता है और कुछ हद तक उम्मीद देता है।

इस बात के प्रमाण लगातार बढ़ रहे हैं कि सबसे करीब से करीब, 400,000 साल पहले मंगल ग्रह पर equator के करीब तरल खारा पानी बहता था। यह एक लंबे समय की तरह लग सकता है लेकिन cosmic timescale पर यह बहुत ही छोटा समय है, इस फैक्ट को consider करते हुए कि हमारा ग्रह पृथ्वी तब तक पहले से ही जीवन से भरपूर था।

वर्तमान में अगर मंगल ग्रह पर अभी भी पानी है- और वैज्ञानिक निश्चित रूप से ऐसा सोचते भी हैं, तो यह ध्रुवों (poles) के आसपास होने की संभावना है। यह अभी भी नमकीन और जमा हुआ होगा। कुल मिलाकर यह अभी भी बहुत अच्छी खबर है। एक बात निश्चित है कि जिस बर्फ को आप पिघला सकते हैं और उसमें से नमक निकाल सकते हैं, वह हमारे लिए बिना पानी की तुलना में कहीं अधिक बेहतर खबर है।

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Plants Can Be Grown

मंगल ग्रह पर पौधे उगाना एक चुनौती है, और यह वह हमारे long-term survival के लिए आवश्यक भी है। हालांकि यह पता चला है कि यह उतना कठिन भी नहीं है जितना पहले लगता था। निश्चित रूप से इस ग्रह पर कई समस्याओं को दूर करना जरूरी है, लेकिन जो बात आपको चौंका सकती है वह यह है कि वर्तमान परीक्षण और शोध, हैरतअंगेज रूप से अच्छे दिख रहे हैं। दरअसल हम जो पहला पौधा यहाँ उगायेंगे उसका चयन पहले ही हो चुका है।

अल्फाल्फा, एक पौधा है जो अभी हमारे ग्रह पर उगता है। जाहिर तौर पर, यह पौधा ज्वालामुखी मिट्टी में उगने में सक्षम है, और मंगल ग्रह की मिट्टी भी इसके पोषण को संभाल सकती है। यह पौधा खाने योग्य नहीं है, लेकिन यह टिकाऊ उर्वरक (sustainable fertilizer) के उत्पादन की एक कुंजी (key) साबित हो सकता है जो दूसरे पौधों को बढ़ने में मदद करेगा, साथी ही कार्बन डाइऑक्साइड को ऑक्सीजन में बदल देगा।

हमें पानी की जरूरत होगी, और हमें रेडिएशन और दूसरी परिस्थितियों से निपटने की भी जरूरत होगी, लेकिन मंगल ग्रह जैसी स्थितियों में, पृथ्वी पर पौधे उगाने में नकली परीक्षण (simulated tests) पहले ही सफल हो चुके हैं। आगे चुनौतियां भले ही हैं, लेकिन यह सभी चीजें काफी हद तक संभव हो सकती हैं।

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Differences Can Be Resolved

वास्तव में सबसे जरूरी पॉइंट, शायद यह फैक्ट है की मंगल ग्रह पर रहना हमारी कल्पना से कहीं ज्यादा realistic हो सकता है। इसकी तुलना पृथ्वी से कैसे की जाती है यह हमेशा अनुकूल (favorable) नहीं है, लेकिन विभिन्नताओं से पार पाया जा सकता है, और हमारे शोधकर्ता इसे वास्तविकता में बदलने के करीब पहुंच रहे हैं।

NASA के Perseverance रोवर ने मंगल ग्रह पर अकेले ही ऑक्सीजन पैदा की। यह महंगा था, ऐसा करने में बहुत ज्यादा ऊर्जा खर्च हुई, लेकिन यह पहला सफल प्रयास था जो समय के साथ और बेहतर होगा, जिसके बाद वैज्ञानिकों का कहना है कि अगला परीक्षण पानी हो सकता है। मंगल ग्रह को पृथ्वी जैसा आकार देने की योजना है। संभवत: इसे पृथ्वी जैसा और रहने योग्य बनाया जाएगा, और यहां तक की भारी मात्रा में रेडिएशन जैसी भयानक समस्याओं का भी समाधान खोजा जा रहा है। जैसे कि सुझाई गई “हॉबिट होल” प्रकार की संरचनाएं, जिनमें लोग छुपकर रह सकेंगे।

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Conclusion of Mars Planet Information In Hindi

तो आज के इस ब्लॉग में हमने Mars Planet Information In Hindi के साथ-साथ यह भी जाना कि मंगल ग्रह पर रहने के वो 10 आश्चर्यजनक तरीके कौन से हैं, जो मंगल ग्रह को आने वाले भविष्य में हमारा अगला घर बना सकते हैं।

मानवों की प्रतिभा अविश्वसनीय है, और समाधान खोजने और जीवित रहने की हमारी क्षमता हमारे अपने ग्रह पर बेजोड़ है, चाहे आप सोचते हों कि मंगल ग्रह को colonize किया जाना चाहिए या नहीं, सवाल यह नहीं है कि क्या संभव है, तर्क यह है कि अगर ग्रह पर conditions तुलनात्मक खराब हैं, तो तकनीकी आधुनिकता (technological advancements) के चलते उसे रहने योग्य और बेहतर बनाया जा सकता है।

14 जुलाई, 2023 को Indian Space Research Organisation (ISRO) ने अपने तीसरे चंद्रयान मिशन को लांच किया है इस मिशन के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं और जान सकते हैं की chandrayaan-3 क्यों भारत के लिए इतना जरूरी है और यह अपने पिछले मिशन chandrayaan-2 से कितना अलग है।

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FAQ’s Related To Mars

1. मंगल ग्रह पर ऑक्सीजन है?

Ans. मंगल के वातावरण में वास्तव में ऑक्सीजन मौजूद है, जो कि 0.13% है। बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन फिर भी outer space के शून्य की तुलना में यह कुछ आकर्षक तो लगती ही है।

2. मंगल ग्रह पर कितने चांद हैं?

Ans. मंगल ग्रह जो सौरमंडल का चौथा ग्रह है इसके पास दरअसल दो छोटे चंद्रमा हैं, इनके नाम फोबोस (Phobos) और डीमोस (Deimos) हैं।

3. मंगल ग्रह अपने अक्ष पर एक बार कितने समय में घूम जाता है?

Ans. मंगल ग्रह पर एक दिन लगभग 24 घंटे और 40 मिनट का होता है| यानी ये अपने अक्ष पर एक चक्कर लगाने में इतना समय लगाता है।

4. कौन-कौन से ग्रह पृथ्वी से दिखाई देते हैं?

Ans. 9 ग्रहों में से, अगर आप प्लूटो को भी एक ग्रह माने तो 5 ग्रह ऐसे हैं जिन्हें धरती से अपनी आंखों से देखा जा सकता है. इन ग्रहों में बुध, मंगल, शुक्र, शनि और बृहस्पति शामिल हैं।

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