UHZ1 The Oldest Known Black Hole | बिग बैंग के करीब दिखा सबसे पहला, बेहद विशाल और भारी सुपर मैसिव ब्लैक होल

UHZ1 The Oldest Known Black Hole

नमस्कार दोस्तों! आज की इस पोस्ट में हम बात करेंगे जेम्स वेब द्वारा खोजे गए UHZ1 The Oldest Known Black Hole की। Supermassive Black Holes खगोल वैज्ञानिकों के लिए हमेशा से ही उत्सुकता का विषय रहे हैं। और ऐसा इसीलिए क्योंकि ब्रह्मांड के यह महादानव हमारी current theories और cosmological models में फिट बैठते नजर नहीं आते हैं। कहीं ना कहीं यह बिग बैंग थ्योरी को भी चुनौती देते नजर आते हैं। ऐसा ही एक विशाल सुपर मैसिव ब्लैक होल वैज्ञानिकों ने हाल ही में जेम्स वेब और चंद्रा टेलिस्कोप के डाटा में खोज निकाला है। वो भी बिग बैंग के इतना करीब की बिग बैंग थ्योरी पर ही सवाल उठता नजर आता है।

सवाल यह है कि बिग बैंग के बाद इतने कम समय में यह इतना विशाल कैसे हो गया। और कमाल कि बात तो यह है कि यह एकमात्र ऐसा ब्लैक होल नहीं है जिसने हमारे cosmological models को चुनौती दी हो। पर यह सुपर मैसिव ब्लैक होल समय के इतनी शुरुआत में दिखाई दिया है कि इसने बिग बैंग के बाद ब्रह्मांड के सबसे शुरुवाती दौर में, सबसे पहले देखे जाने वाले सुपर मैसिव ब्लैक होल का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

इसे बिग बैंग के ठीक 47 करोड़ साल बाद UHZ1 नामक एक बेहद शुरुवाती आकाशगंगा में देखा गया है, यह वह समय है जब ब्रह्मांड अभी भी एक बच्चा था। यह ब्रह्मांड का इतना शुरुवाती समय है कि यह ब्लैक होल विकास के ऐसे चरण में है जिसे हमने पहले कभी भी किसी और ब्लैक होल में नहीं देखा है – इसका जो द्रव्यमान है वो इसकी मेजबान आकाशगंगा के बराबर है जो इसके चारों ओर बढती देखी जा सकती है।

UHZ1 The Oldest Known Black Hole

यह इतना दूर है कि इसके प्रकाश ने हम तक पहुँचने के लिए 13.2 अरब वर्षों की यात्रा की है। इसे खोजने के लिए Chandra X-ray observatory और James Webb Space Telescope (JWST) दोनों कि मिली जुली ताकत की जरुरत पड़ी थी, यह time और space की इतनी अँधेरी गहराइयों में छिपा हुआ मिला।

Harvard-Smithsonian Center for Astrophysics (CFA) के astrophysicist, Akos Bogdan के नेतृत्व वाली एक टीम के अनुसार, यह खोज सुपरमैसिव ब्लैक होल के जन्म के तरीके को जानने के लिए महत्वपूर्ण सबूत है, जिसके लिए गैस के एक विशाल बादल को, एक ultradense object जैसे कि इस केस में ब्लैक होल में बदलने के लिए direct gravitational collapse की जरुरत होगी। जिसके बाद वह object समय के साथ-साथ बड़ा और बड़ा होता जाता है। वैज्ञानिकों को इस ब्लैक होल के केस में ऐसा ही लगता है कि यह एक विशाल बदल के direct gravitational collapse के चलते ही बना है।

Princeton University के astrophysicist, Andy Goulding का कहना है कि “एक बार बनने के बाद ब्लैक होल कितनी तेजी से बढ़ सकते हैं, इसकी भौतिक सीमाएं हैं, लेकिन जो पैदा ही बहुत भारी और विशाल होते हैं, उनकी शुरुआत तेज होती है।” “यह एक पौधा लगाने जैसा है, जिसे एक भरे पूरे आकार के पेड़ के रूप में विकसित होने में कम समय लगता है, बजाये उस पेड़ के जिसकी शुरुआती ही आपने बीज बोकर की हो।”

UHZ1 The Oldest Known Black Hole

supermassive black hole के बारे में एक बात निश्चित है कि वे लगभग समझ से परे बहुत विशाल होते हैं। Sagittarius A* जो हमारी आकाशगंगा के केंद्र में मौजूद supermassive black hole है, वह सूर्य के द्रव्यमान का 43 लाख गुना ज्यादा है, जो हैरान तो करता है पर जहां दूसरे supermassive black holes का सवाल है, हमारा ये supermassive black hole बहुत मामूली लगने लगता है।

हम नहीं जानते हैं कि ये objects इतने विशाल कैसे हो जाते हैं, लेकिन एक बात बिल्कुल साफ होती जा रही है: कि हमारे शुरुवाती ब्रह्मांड में इनकी संख्या हमारी उम्मीद से कहीं ज्यादा है, और ये इतने विशाल हैं कि किसी चीज़ से इतने बड़े नहीं होने चाहिए थे, तुलना के लिए एक विशाल तारे के आकार जितने तक, वो भी बिग बैंग के तुरंत बाद।

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इस UHZ1 The Oldest Known Black Hole को देखते हुए, यह पता लगाने का सबसे अच्छा मौका है कि हमारे शुरुवाती ब्रह्मांड में आखिर क्या हो रहा था, हम जो देख रहे हैं उसके आधार पर एक नज़र डालें और निष्कर्ष निकालें, लेकिन बात ये भी है कि कहना जितना आसान है कर पाना उतना आसान नही है।

हमारा Cosmic Dawn यानी बहुत शुरुवाती ब्रह्मांड, जो बिग बैंग के बाद पहले कुछ अरब वर्षों को कवर करता है, वास्तव में हमसे बहुत दूर है, और इस दूरी तक की कोई भी रोशनी बहुत कमजोर और बहुत लाल है, जो space-time के लगातार हो रहे विस्तार के कारण कमजोर हो गई है।

UHZ1 The Oldest Known Black Hole

James Web Space Telescope इतिहास में अब तक बनी सबसे शक्तिशाली अंतरिक्ष दूरबीन है, और यह ब्रह्मांड कि उस लाल रोशनी को ही देखती है। फिर भी, यह काफी नहीं है। UHZ1 आकाशगंगा को पहचानने के लिए, Akos Bogdan और उनकी टीम ने gravitational lens नामक phenomena का लाभ उठाया।

Gravitational lens phenomena तब सामने आता है जब एक ही जगह पर भारी मात्रा में बहुत ज्यादा गुरुत्वाकर्षण मौजूद हो, जैसे कि galaxies cluster का गुरुत्वाकर्षण जो space-time को इसके चारों ओर मोड़ने का कारण बनता है। जिसके चलते जब ब्रह्मांड में बहुत दूर के हिस्सों से इस मुड़े हुए space-time में यात्रा करते हुए कोई रोशनी पहुँचती है तो वो magnified यानी बढ़ी हुई और कईं हिस्सों से होकर हम तक पहुँचती है।

UHZ1 आकाशगंगा लगभग 3.5 अरब प्रकाश वर्ष और दूर है उस galaxy cluster से जो इसके और हमारे बीच में मौजूद है। ये galaxy cluster है Abell 2744, जिसके गुरुत्वाकर्षण के कारण ही UHZ1 आकाशगंगा के प्रकाश में चार गुना बढ़ोतरी हुई। इसका मतलब यह था कि James Web Space Telescope खुद UHZ1 आकाशगंगा के प्रकाश को इस galaxy cluster के प्रकाश से अलग पहचान सकता था, और Chandra x-ray Telescope इसके केंद्र में सुपरमैसिव ब्लैक होल के चारों ओर घूम रही गैस द्वारा उत्सर्जित X-radiation का पता लगाने में सक्षम था।

इस प्रकाश से, astrophysicist Akos Bogdan और उनकी टीम ने ब्लैक होल और इसके चारों ओर विकसित हो रही आकाशगंगा, दोनों के द्रव्यमान का अनुमान लगाया। टीम का मानना है कि अगर ब्लैक होल बेहद ज्यादा दर से material को अपनी और खींच रहा है, तो इसका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान से 1 करोड़ से 10 करोड़ गुना के बीच हो सकता है। और शोधकर्ताओं ने पाया कि यह भी पाया कि आकाशगंगा UHZ1 के सभी तारों का द्रव्यमान भी इस supermassive black hole के बराबर है।

UHZ1 The Oldest Known Black Hole

आमतौर पर, एक ब्लैक होल के द्रव्यमान और उसकी मेजबान आकाशगंगा के द्रव्यमान का ratio लगभग आधा ही प्रतिशत होता है। टीम में शामिल लोगों का सुझाव है कि UHZ1 आकाशगंगा और इसका ब्लैक होल अभी भी अपने शिशु चरण यानी बेहद शुरुवाती दौर में है – और ऐसा लगता है कि ब्लैक होल बीज का निर्माण slow accretion (जिसमें ब्लैक होल आस पास के material को धीरे धीरे खाकर अपना आकार बढ़ाता है) के बजाय direct collapse से हुआ होगा।

Yale University की astrophysicist Priyamvada Natarajan कहती हैं, “हमारा मानना है कि यह किसी ‘आउटसाइज़ ब्लैक होल’ की पहली खोज है और अब तक प्राप्त सबसे अच्छा सबूत है कि कुछ ब्लैक होल गैस के विशाल बादलों के direct collapse से भी बनते हैं।” “पहली बार, हम एक ऐसी stage देख रहे हैं जहां एक सुपरमैसिव ब्लैक होल का वजन उसकी आकाशगंगा के तारों के बराबर है।”

Well इसका मतलब यह नहीं है कि slow accretion मॉडल भी सच नहीं हो सकता है, कम से कम कुछ सुपरमैसिव ब्लैक होल के लिए। लेकिन सुबूत स्पष्ट रूप से सुझाव दे रहे हैं कि, कम से कम शुरुवाती ब्रह्मांड में, supermassive black hole बनाने के लिए direct collapse सबसे अच्छा तरीका है।

अभी भी, हमने शुरुआती ब्रह्मांड में James Web Space Telescope को क्या मिल सकता है, इसकी सतह को मुश्किल से ही खंगाला है। इसमें कोई संदेह नहीं कि समय की धुंधली सुबह हमारे लिए अभी और भी कईं आश्चर्य लेकर आएगी।

Conclusion- UHZ1 The Oldest Known Black Hole

Well अगर यह साबित हो जाता है कि हमारे शुरुआती ब्रह्मांड में यह सुपर मैसिव ब्लैक होल्स बड़े-बड़े बादलों के direct collapse के चलते बने थे तो शायद ये एक बड़ी कामयाबी हो सकती है उस प्रश्न के उत्तर को खोजने की, कि इन सुपर मैसिव ब्लैक होल्स ने ब्रह्मांड के बेहद शुरुआती समय में इतना बड़ा आकार कैसे हासिल कर लिया। अगर यह मॉडल साबित हो जाता है तो शायद बिग बैंग थ्योरी पर उठ रहे सवाल एक बार फिर शांत हो सकते हैं।

खैर इस पोस्ट में इतना ही अगर आपको यह वीडियो पसंद आया है तो पोस्ट को लाइक कीजिए अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिए। मैं मिलता हूं अब आपसे अगली हैरतंगेज पोस्ट में एक नए टॉपिक के साथ तब तक के लिए ख्याल रखिएगा अपना, बाय गाइस, टेक केयर, जय हिंद।

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